Wed. Mar 20th, 2019

अब 4G नहीं 5G चलेगा, अगले साल से होई स्पीड इंटरनेट सेवा की शुरूआत


4G के बाद अब हमारी दुनिया मे 5G का आगमन होने वाला है। अगले साल की शुरूआत में कईं देशों में हाई स्पीड इंटरनेट सेवा की शुरूआत की जा सकती है। इन देशों का दावा है कि इस सेवा के आ जाने के बाद इंटरनेट की स्पीड दस से बीस गुना तक बढ़ जाएगी।

अब सवाल आता है जिस तरह 4G के आने के बाद हमारे अनेक बदलाव आये थे क्या 5जी के आने के बाद भही वह बदलाव आयेंगे? जैसे क्या 5G के लिए फोन नया खरिदना पड़ेग? क्या गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंच जाएगा? इन सभी के सवालों से पहले 5G से जुड़ी बुनियादी सवालों का जवाब जानना जरूरी है।

इसे मोबाइल इंटरनेट की पांचवीं पीढ़ी माना जा रहा हैए जिसकी स्पीड मौजूदा इंटरनेट स्पीड से कहीं अधिक होगीण् जिससे बड़े डेटा को आसानी से डाउनलोड और अपलोड किया जा सकेगा।

इसकी पहुंची वर्तमान मोबाइल इंटरनेट से कहीं अधिक और बेहतर होगीण यह तकनीक पूरी तरह से रेडियो स्पेक्ट्रम के बेहतर इस्तेमाल का उदाहरण होगी और इससे एक साथ कई डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ा जा सकेगा।

जो हम सोच नहीं सकते उसे परे है

एक मोबाइल डेटा एनालिटिक्स कंपनी ओपनसिग्नल से जुड़े लैन फॉग कहते हैं। जो भी हम लोग आज अपने मोबाइल से कर पा रहे हैं उसे और तेज और बेहतर तरीके से कर पाएंगे वीडियो की क्वालिटी बढ़ जाएगीए हाई स्पीड इंटरनेट शहर को स्मार्ट बना देगाण् और बहुत कुछ होगा जो हम अभी सोच नहीं सकते है।

कल्पना कीजिए राहत और बचाव कार्यों में लगो ड्रोन्स के झुंड कीए या आग का जायजा ले रहेए ट्रैफिक पर निगरानी रख रहे ड्रोन्स की जो आपस में बिना तारों के जुड़े हैं और साथ ही साथ जमीन पर स्थित नियंत्रण केंद्रों के लगातार संपर्क में हों सकते है। स्वचालित कारें भी एक दूसरे से बेहतर संवाद कर पाएंगी और यातायात और मैप्स से जुड़ा डेटा लाइव साझा कर पाएंगे।

 

यह काम कैसे करेगा?

कई नई तकनीकें इस्तेमाल की जाएंगी लेकिन अभी तक 5जी के सभी प्रोटोकॉल तय नहीं किए गए हैं। यह हाई फ्रीक्वेंसी बैंड पर काम करेगा, 3.5GHZ से 26GHZ या उससे भी ज्यादा पर. इस फ्रीक्वेंसी बैंड में वेव लेंथ छोटे होते हैं. लेकिन परेशानी यह है कि छोटे वेव लेंथ को आसानी से रोका जा सकता है।

 

4जी से कितना अलग होगा?

यह पूरी तरह 4जी तकनीक से अलग होगा. यह नई रेडियो तकनीक पर काम करेगा. हालांकि शुरुआत में यह अपने ऑरिजिनल स्पीड में काम करेगा या नहीं, यह भी तय नहीं है क्योंकि यह सबकुछ टेलिकॉम कंपनियां के निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है.

फिलहाल 4जी पर सर्वाधिक स्पीड 45 एमबीपीएस तक की मुमकिन है. चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम का अनुमान है कि 5जी तकनीक इससे 10 से 20 गुना तक अधिक स्पीड हासिल कर सकती है.

आप एक हाई डेफिनिशन फिल्म को एक या दो मिनट में पूरा डाउनलोड करने की कल्पना कर सकते हैं।

कब तक 5G संभव?

अधिकतर देशों में 5G साल 2020 तक लॉन्च हो जाएगा. हालांकि कतर की एक कंपनी का कहना है वो यह सेवा लॉन्च कर चुकी है, वहीं दक्षिण कोरिया अगले साल तक इस सेवा की शुरुआत कर देगा वहीं चीन भी 2019 में 5ळ लॉन्च करने की योजना बना रहा है.

भारत में 5जी कब तक

लेकिन भारत में 5जी आने में शायद अभी देर लगे। टेलीकॉम विशेषज्ञ आशुतोष सिन्हा मानते हैं कि इस नई तकनीक के लिए जरूरी भारी निवेश करने से शायद भारतीय कंपनियां बचें।

वो कहते हैं, भारतीय टेलीकॉम बाजार बेहद प्रतिस्पर्धी हो गया है. कंपनियां मुनाफा नहीं कमा पा रही हैं. ऐसे में नई तकनीक में निवेश करना कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

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