Wed. Mar 20th, 2019

ब्लू व्हेल, किकी चैंलेंज के बाद अब आया है मोमो चैंलेज, सतर्क रहें

आज कल हर कोई ना कोई सोश्ल मीडिया से जुड़े है। छोटा हो या बड़ा सब हर दिन कैसे ना कैसे सोश्ल मीडिया के शिकार हुए है। यदि आपको पता हो हर दिन सोश्ल मीडिया में कोई ना कोई चैंलेंज आ रहे है। ब्लू व्हेल, किकी के बाद अब मोमो चैंलेज आया है। यदि आप या आपके बच्चे भी वाट्सऐप, फेसबुक पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं तो आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरुरत है। इन साइट्स पर आने वाले किसी अनजान नंबर को बिना सोचे-समझे फोन में सेव ना करें क्योंकि यह नंबर आपके लिए घातक साबित हो सकता है।

 

ब्लू व्हेल और किकी चैलेंज के बाद इन दिनों सोशल मीडिया पर मोमो चैलेंज काफी वायरल हो रहा है। यह वाट्सऐप के जरिए फैल रहा है। दावा किया जा रहा है कि मोमो चैलेंज का वास्ता जापान से है और इसके लिए जिस डरावनी तस्वीर का प्रयोग किया जा रहा है उसे जापानी कलाकार मिदोरी हायाशी ने बनाया था। हालांकि हायाशी का इस गेम से कोई लेना-देना नहीं है। यह चैलेंज काफी जोखिम भरा होता है। दिए गए काम को पूरा ना करने पर मोमो यूजर को डांटती है और कड़ी सजा देने की धमकी देती है। जिसकी वजह से यूजर डरकर उसके आदेश को मानने के लिए मजबूर हो जाता है।

यूजर मोमो की बातों में फंसकर अवसाद में चला जाता है और जान देने पर मजबूर हो जाता है। इस चैलेंज को लेने वाले ज्यादातर युवा और बच्चे हैं। साइबर विशेषज्ञ के अनुसार, श्मोमो चैलेंज गेम से एक नहीं बल्कि कई खतरे हैं। इस गेम के जरिए अपराधी युवाओं और बच्चो को अपने जाल में फंसाते हैं। उनकी निजी जानकारी चुराने के बाद उनके परिजनों को ब्लैकमेल करने और फिरौती मांगने के लिए इसका प्रयोग करते हैं। केवल इतना ही नहीं उन्हें तनाव में डालकर आत्महत्या करने के लिए उकसाते हैं।श्

इस तरह मिलता है चैलेंज

सबसे पहले यूजर को एक अज्ञात नंबर मिलता है, जिसे सेव करके हाय-हैल्लो करने का चैलेंज दिया जाता है। जिसके बाद उस नंबर पर बात करने से चैलेंज दिया जाता है। फिर आगे बढ़ते ही संदिग्ध नंबर से यूजर को डरावनी तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स मिलने लगते हैं। इसके बाद यूजर को कुछ काम करने को दिए जाते हैं। जिन्हें पूरा ना करने की स्थिति में उसे डराया-धमकाया जाता है। धमकी से डरकर यूजर खुदकुशी करने पर भी मजबूर हो जाता है।

बच्चों पर रखें पैनी नजर

इस चैलेंज पर ऑस्कर अस्पताल के डॉक्टर राजेश काकडे कहते हैं, श्यदि आपका बच्चा फेसबुक और वाट्सऐप पर काफी सक्रिय रहता है तो उसपर नजर बनाए रखें। उसे अज्ञात नंबरों से बात करने से रोकें। बच्चों की आदत में आ रहे बदलाव को नजरअंदाज ना करें। यदि वह गुमसुम और शांत रहने लगे, अचानक खाना-पीना छोड़ दे तो तुरंत मनोरोग विशेषज्ञ की मदद लें।

दस्तावेज के लिए रवीना कुवँर की एक रिर्पोट

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