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यूबीए में शामिल हुए एनबीए के दिग्गज ए.सी. ग्रीन

 

देहरादून : एनबीए के आयरन मैनअब भारत में बास्केटबॉल के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाएंगे। भारत में चार सत्रों के सफलतापूर्वकआयोजन के बाद पेशेवर बास्केटबॉल के संघयूनाइटेड बास्केटबॉल एलायंस (यूबीएने एनबीए के दिग्गज .सी.ग्रीन को यूबीए के लिए खेल के निदेशक के रूप मेंशामिल किए जाने की घोषणा की।इस अवसर पर यूबीए के अध्यक्षटॉमी फिशरने कहाआजभारत के प्रति और बास्केटबॉल के खेल के प्रति अपनी वचनबद्धता को बरकरार रखते हुए हम अपनी टीममें एक बेहद महत्वपूर्ण सदस्य को शामिल कर रहे हैंजिससे यूबीए में खेल के साथसाथ पेशेवर विशेषता भी उच्चतम स्तर पर पहुंचेगी।अपनी टीम में .सीको शामिलकरते हुए हम बेहद उत्साहित हैं और भारत में बास्केटबॉल के सतत विकास के प्रति आशान्वित हैं।

.सीग्रीन ने सबसे पहले ओरेगन राज्य में कॉलेज बास्केटबॉल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए पीएसी -10 प्लेयर ऑफ  ईयर पुरस्कार जीताजिसमेंउनका नंबर 45 था और अब वह रिटायर हो गए हैं। एनबीए की सबसे प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी में से एकलॉस एंजेलिस लेकर्स द्वारा 1985 एनबीए ड्राफ्ट के प्रथम दौरमें ग्रीन को 23 वें स्थान पर चुना गया था। ग्रीन ने 1987, 1988 और 2000 में लेकर्स के साथ कुल तीन बार एनबीए चैंपियनशिप जीता। 1980 के दशक में लेकर्सटीम के सदस्य मैजिक जॉनसन और करीम अब्दुल जब्बार के साथ खेलते हुए चैंपियनशिप जीतने के अलावाउन्होंने शाकिले नील और कोबे ब्रायंट के साथअपना तीसरा ख़िताब जीता।

लेकर्स के साथग्रीन एक कुशल और ताकतवर फॉरवर्ड के रूप में उभरकर सामने आए जिन्होंने अपने आक्रामक खेल के जरिए खुद के लिए एक मुकाम बनाया। वर्ष1990 में ग्रीनएनबीए ऑलस्टार थे। अपने 16 साल के करियर मेंग्रीन ने 12,300 से अधिक पॉइन्ट हासिल किए और लीग के सर्वश्रेष्ठ ऑलटाइम रिबाउंडर्स केबीच अपना स्थान बनाते हुए एनबीए के इतिहास में अफेन्सिव रिबाउंड के 18 वें स्थान पर हैं। ग्रीन ने एनबीए के 16 सीजन में लगातार 1,192 मैच खेलकरकीर्तिमान स्थापित किया और ‘आयरन मैन‘ की उपाधि प्राप्त की। ग्रीन के ‘आयरन मैन‘ का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।

.सीग्रीन बताते हैं,”बास्केटबॉल मेरी ज़िंदगी का सबसे अहम हिस्सा है और मुझे इस बात की खुशी है कि जो खेल मुझे सबसे ज्यादा पसंद हैउसकी प्रगति औरविकास के लिए मुझे भारत की सहायता करने का मौका मिला है। यूबीए ने पिछले दो सालों में काफी प्रगति की है और मैं इसे सफलता के शिखर तक पहुंचाने के लिएउत्सुक हूँ।

युवाओं के आत्मसम्मान एवं चरित्र निर्माण में सहायता के लिए ग्रीन ने 1989 में .सी. ग्रीन यूथ फाउंडेशन की स्थापना कीजिसके माध्यम से उन्हें जिम्मेदारीपूर्वकनिर्णय में मदद के लिए आचरण एवं नैतिकता के सिद्धांत सिखाए जाते हैं। ग्रीन को वक्ता के तौर पर चीनभारतमैक्सिकोकोरियामलेशिया और फिलीपींस की यात्राकरने का अवसर प्राप्त हुआ है। अपने जबरदस्त मानवतावादी प्रयासों के कारण ग्रीन ने वर्ल्ड स्पोर्ट्स ह्यूमैनिटेरीअन हॉल ऑफ फेम में भी स्थान प्राप्त किया है।

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