Wed. Mar 20th, 2019

लोकसभा 2019: चुनाव से पहले एक दूसरे के नेताओं को तोड़ने में जुटीं बीजेपी-कांग्रेस

लोकसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आने के साथ ही बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे के नेताओं को तोड़ने की कोशिश में लग गई हैं। विरोधी नेताओं को अपने पाले में लेकर दोनों पार्टियां अपनी जीत की संभावना को मजबूत करना चाहती हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक समेत सभी राज्यों में यही चुनावी खेल चल रहा है। पार्टियां दूसरे दलों के ऐसे असंतुष्ट उम्मीदवारों को निशाना बना रही हैं, जो पहले चुनाव जीतते रहे हैं या फिर हवा बदलने का दमखम रखते हैं। 

कांग्रेस कार्यकारिणी की मंगलवार को गुजरात में बैठक से ठीक पहले उसके तीन विधायक बीजेपी में शामिल हो गए, जो पार्टी के लिए तगड़ा झटका है। मानवादार विधानसभा से 4 बार विधायक रहे जवाहर छावड़ा कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए और उन्हें तुरंत मंत्री बना दिया गया। वहीं ध्रांगध्रा से पुरुषोत्तम सबरिया और जामनगर ग्रामीण से विधायक वल्लभ धराविया भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए। 

इसके एक महीने पहले ऊंझा सीट से कांग्रेस के टिकट पहली बार विधायक बनीं आशाबेन पटेल भी बीजेपी में शामिल हुई थीं। उन्होंने 5 बार के बीजेपी विधायक नारायण सिंह पटेल को हराकर चुनाव जीता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहनगर वडनगर, ऊंझा विधानसभा सीट के अंदर ही आता है। कांग्रेस ने भी गुजरात में बीजेपी नेताओं को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल किया है। जनवरी में बीजेपी के पूर्व विधायक बिमल शाह और अनिल पटेल ने पार्टी की सदस्यता ली थी। कार्यकारिणी की बैठक के दौरान कांग्रेस को एक और झटका महाराष्ट्र से आया था। 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल बीजेपी में शामिल हो गए। वह अहमदनगर से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने गठबंधन के तहत यह सीट एनसीपी को दे दी है। वाडला-नईगांव सीट से 7 बार के कांग्रेस विधायक कालिदास कोलंबकर के भी बीजेपी में शामिल होने की चर्चा है। 

कई नेता इसलिए भी पार्टी बदल रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी पार्टी से टिकट नहीं मिलने का डर है। राज्यसभा में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुने गए संजय काकड़े बीजेपी में शामिल हो गए थे, लेकिन 10 मार्च को उन्होंने कहा कि वह जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे। काकड़े पुणे लोकसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। 

अक्टूबर में पूर्व विधायक आशीष देशमुख भी कांग्रेस में शामिल हुए थे। पिछले साल जनवरी में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद नाना पटोले, अब किसान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। कर्नाटक में छिंछोली से कांग्रेस विधायक उमेश जाधव ने 6 मार्च को बीजेपी की सदस्यता ली। उन्हें गुलबर्ग सीट से कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ टिकट दिया जा सकता है। कर्नाटक में कांग्रेस के तीन और विधायक- रमेश जारखोली, बी नागेंद्र और महेश कुमाथली ने भी बागी सुर अपनाए हुए हैं और पार्टी ने विधानसभा स्पीकर से उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। इन तीनों के बीजेपी में शामिल होने की उम्मीद है। 

बिहार में बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद फरवरी में कांग्रेस में शामिल हुए थे और पार्टी उन्हें दरभंगा से चुनाव लड़ाना चाहती है। पूर्णिया से दो बार के सांसद उदय सिंह भी कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं। वरिष्ठ बीजेपी नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के भी महागठबंधन में शामिल होने की अटकलें हैं, लेकिन वह किस पार्टी में जाएंगे, यह अभी तय नहीं है। 

यूपी में बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले अब कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। यूपी के पूर्व मंत्री रामलाल राही और मीरापुर से बीजेपी विधायक अवतार सिंह भडाना 12 फरवरी को कांग्रेस में शामिल हुए। मध्य प्रदेश में 5 बार के बीजेपी विधायक रामकृष्ण कुसमारिया और 4 बार के बीजेपी विधायक रमेश सक्सेना भी कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्हें लोकसभा उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। 

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