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संकट मोचक की भूमिका में नजर आयेगी : SDRF%!%!%!%!%!%!%!%!

उत्तराखंड की बड़ी नदियों में राहत-बचाव कार्य के लिए SDRF की टीम अब  कुमाऊं के बनबसा से लेकर टनकपुर तक महाकाली जैसी नदियों में राफ्टिंग की विशेष ट्रेगिंग लेगी. इस ट्रनिंग से आपात स्थ‍ित‍ि में इन नदियों पर राहत कार्य को सफलता पूर्वक किया जा सकेगा.

बीते समय में कुमाऊं के पिथौरागढ़, बनबसा, चम्पावत जैसे जिलों की बड़ी नदियों में रेस्क्यू करना काफी कठिन साबित हो रहा था. इसके मद्देनजर अब उत्तराखंड की SDRF टीम ने को बड़ी नदियों में राहत-बचाव के दौरान राफ्टिंग के लिए तैयार किया जा रहा है.

गौरतलब है कि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के समय पहाड़ी जिलों में कई बार राहत-बचाव दल समय से न पहुंच पाने के कारण भारी जानमाल का नुकसान हो जाता है.  ऐसी स्थिति से निपटने के लिए SDRF टीम पहाड़ी गावों में महिला मंगल दल के आलावा अन्य वॉलंटियर को राहत-बचाव कार्य की ट्रेनिंग देगी. साथ ही उन्हें जरूरत के उपकरण भी मुहैया कराए जाएंगे. ताकि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नुकसान को कम किया जा सके.

इस बारे में जानकारी देते हुए आईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि आपदा के समय कई बार राज्य के दुर्गम इलाकों में पहुंचने में काफी समय लग जाता है. ऐसे में ग्रामीण लोगों के द्वारा एहतियात के साथ जरूरतमंदो तक कैसे राहत पहुंचाई जा सके इसी लेकर लोगों को तैयार किया जा रहा है.

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