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एएमयू:मन्नान वानी का अभी तक अता-पता नहीं,रूममेट मुजम्मिल हुसैन भी जुलाई 2017 से लापता%!%!%!%!%!%!%!%!

अलीगढ़। जम्मू-कश्मीर के रहने वाले लापता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्र मन्नान वानी का अभी तक अता-पता नहीं है। खुफिया एजेंसियां वानी की तलाश में जुटी हुई हैं। छात्र मन्नान वानी की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उसका रूममेट मुजम्मिल हुसैन भी जुलाई 2017 से लापता है। मुजम्मिल हुसैन जम्मू-कश्मीर के बारामूला का रहने वाला है। इस बीच पुलिस ने कहा है कि यह कहना अभी जल्दीबाजी होगा कि वानी ने आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन जॉइन कर लिया है।

सूत्रों के मुताबिक मन्नान की आखिरी लोकेशन 4 जनवरी को दिल्ली में ट्रेस की गई है। मन्नान के लापता होने से उसका परिवार भी सदमे में है। भाई मुबस्सिर ने कहा कि 3 जनवरी को मन्नान की पिता से बात हुई थी। 4 जनवरी के बाद से उसका फोन स्विच ऑफ जा रहा है।

वानी के हिज्बुल में शामिल होने की अटकलों के बीच यूपी एटीएस ने सोमवार को दोनों कश्मीरी छात्रों की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों ने बताया कि हॉस्टल में वानी के रूम से संदेहजनक सामग्री मिली है। उन्होंने बताया कि किताबें, फोटोकॉपी, पेन ड्राइव समेत कुछ ‘संदिग्ध’ दस्तावेज उसके कमरे से मिले हैं।

हॉस्टल में बांटा था हिज्बुल का ‘कैलेंडर’
उधर जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुनीर खान ने कहा कि सभी चीजों की जांच की जा रही है और यह कहना अभी जल्दीबाजी होगा कि मुनीर हिज्बुल में शामिल हो गया है। हालांकि अलीगढ़ पुलिस की जांच से पता चला है कि वानी ने जनवरी 2017 में हॉस्टल में हिज्बुल का ‘कैलेंडर’ बांटा था।

अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि वानी का रूममेट हुसैन पिछले साल जुलाई के बाद से नहीं आया है। हॉस्टल के मेस वाले ने बताया कि मन्नान को दो जनवरी को अंतिम बार देखा गया था। बता दें, मन्नान वानी को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) ने निष्कासित कर दिया है। दो दिन पहले राइफल के साथ वानी की फोटो फेसबुक पर वायरल हो गई, जिसमें कहा गया कि 5 जनवरी को वह हिज्बुल मुजाहिदीन के साथ जुड़ गया था।

एएमयू के पीआरओ का कहना है कि भूगर्भ शास्त्र के रिसर्च स्कॉलर मन्नान बशीर वानी को संस्थान से निष्कासित कर दिया गया है। इसके साथ ही हबीब हॉल हॉस्टल में उसका कमरा भी सील कर दिया गया है। एएमयू प्रशासन का कहना है कि उसकी आपत्तिजनक गतिविधियों से संस्थान का शांतिपूर्ण माहौल खराब हो सकता था, लिहाजा संस्थान ने उसके निष्कासन की कार्रवाई की है।

एएमयू के प्रॉक्टर प्रफेसर मोहम्मद मोहसिन खान का कहना है कि बशीर वानी ने एएमयू छात्रों के लिए जरूरी ‘कंडक्ट ऐंड डिसिप्लिन रूल्स 1985’ का उल्लंघन किया है। इस मामले को एएमयू के वीसी प्रफेसर तारिक मंसूर के सामने रखा गया। इसके बाद वानी के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी गई।

कौन है मनान वानी?
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सूत्रों ने हमारे सहयोगी अखबार मुंबई मिरर को बताया कि वानी के पिता का नाम बशीर अहमद वानी है और वह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के ताकिपोरा गांव का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वानी तीन दिन पहले ही एएमयू से कश्मीर गया था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘मनान वानी पिछले पांच साल से एएमयू में पढ़ रहा था। वह एमफिल कर रहा था। वह अब जिऑलजी में पीएचडी कर रहा था। वह यूनिवर्सिटी से घर नहीं आया। दो दिन पहले राइफल के साथ उसकी फोटो फेसबुक पर वायरल हो गई, जिसमें लिखा था कि उसने 5 जनवरी को हिज्बुल जॉइन कर लिया।’

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