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सेना के पास 68 प्रतिशत हथियार म्यूजियम में रखने लायक-उप सेना प्रमुख

भारतीय सेना के हथियारों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सेना के पास 68 फीसदी हथियार काफी पुराने हो गए है। ये खुलासा उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद ने किया है।

उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद ने स्थायी संसदीय समिति के सामने कहा कि सेना के 68 फीसदी हथियार विंटेज श्रेणी यानी संग्रहालय में विरासत के रूप में रखने लायक हो चुके हैं।
अधिकारी ने आगे कहा कि वर्तमान में भारतीय सेना के पास मात्र 24 प्रतिशत हथियार इस्‍तेमाल करने लायक है, जबकि सेना के पास केवल 8 प्रतिशत हथियार ऐसे है जो पूरी तरह से आधुनिक है।
लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद  ने कहा कि सेना ने अपने आधुनिकीकरण योजना के तहत मेक इन इंडिया के लिए 25 परियोजनाओं की पहचान की है, लेकिन इनमें से कई को खत्म करना पड़ सकता है क्योंकि इसके लिए पर्याप्‍त बजट नहीं है। 

सेना को मिला कम बजट

लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद ने कहा कि 2018-19 के बजट ने हमारी उम्मीदों को धराशायी कर दिया है और जो कुछ मिला है वह वास्तव में थोड़ा सा है।  इस साल के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सेना को आधुनिकीकरण के लिए 21,338 करोड़ दिए थे जबकि सेना ने 37,000 करोड़ रुपये मांगे थे।
सेना के अधिकारी ने कहा कि बजट में जो रुपये दिए गए है वह अपर्याप्त है। 125 चालू योजनाओं के लिए 29,000 करोड़ रुपये की जरूरत है और नई योजनाओं के लिए धनराशि नहीं है।

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