Wed. Mar 20th, 2019

एक्सक्लूसिव : सीबीआई की रडार पर बीएफआईटी और मुख्यमंत्री कार्यालय

देहरादूनः जीरो टाॅलरेंस की बात करने वाली डबल इंजन की सरकार की हवा एक निजी शिक्षण संस्थान ने ऐसे निकाल दी कि डबल इंजन ने काम करना बंद कर दिया। इन दिनों जहां छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को लेकर सरकार ने काॅलेजों के नाम में दम कर रखा है तो वहीं अपर मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा बड़ा भ्रष्टाचार कर देहरादून के सुद्धोवाला स्थित बाबा फरीद


‘दस्तावेज डाॅट इन’ के हाथ लगे एक्सक्लूसिव

इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी के प्रबंधक को बचाने के लिए अधिकारियों को मजबूर किया गया। सरकार और शासन को मैनेज कर शिक्षण संस्थान के प्रबंधन ने भले ही अपने आप को बचाने की कोशिश जरूर की लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय को की गई शिकायत पर पीएमओ ने इसके सीबीआई जांच के आदेश दे दिये। जिससे सरकार और शिक्षण संस्थान के माथे पर बल पड़ गया है।

‘दस्तावेज डाॅट इन’ के हाथ लगे एक्सक्लूसिव दस्तावेजों से साफ होता है कि किस प्रकार मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड कर रहे बाबा फरीद इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी को बचाया गया। इतना ही नहीं बाबा फरीद इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गठित हाई पाॅवर कमेटी ने भी संस्थान में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाही करने की संस्तुति की। लेकिन शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय में सांठ-गांठ कर काॅलेज प्रबंधन ने जांच कमेटी की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डालवा दिया।
देवभूमि उत्तराखंड में शिक्षा के नाम पर शिक्षण संस्थानों द्वारा बड़े-बड़े घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है। देहरादून स्थित बाबा फरीद इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी का कमाल देखिए कि एक ही शिक्षण संस्था तीन-तीन नामों से संचालित की जा रही है। मजेदार बात यह है कि इस बात की जानकारी सरकार और राजभवन तक को भी है। लेकिन मोटी रकम लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और राजभवन के अधिकारियों ने बीएफआईटी को पूरा शह दे रखी है।
इतना ही नहीं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (केंद्रीय विवि) श्रीनगर गढ़वाल के कुलपति व कुलसचिव की मिली भगत से बीएफआईटी में 37 पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। जो कि यूजीसी और विश्विद्यालय के मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके साथ ही बीएफआईटी में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय और श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से भी दर्जनों कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। उधर सीबीआई ने बाबा फरीद इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी के खिलाफ कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है।

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