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निकाय चुनाव: दूसरे फेज में मोदी से लेकर मुलायम-अखिलेश को गढ़ बचाने की चुनौती

नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार थमने के बाद निगाहें मतदान पर हैं। इस दौर में 25 जिलों की 6 नगर निगम, 51 नगर पालिका और 132 नगर पंचायतों में 26 नवंबर को चुनाव होने हैं। दूसरे दौर में लखनऊ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अमरोहा, रामपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, अलीगढ़, मथुरा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, इटावा, ललितपुर, बांदा, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, संतकबीर नगर, देवरिया, बलिया, वाराणसी, और भदोही में चुनाव हो रहा है।

लखनऊ बना साख का सवाल

लखनऊ नगर निगम बीजेपी का गढ़ माना जाता है। पिछले 10 साल से मौजूदा डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा लखनऊ नगर निगम के मेयर रहे हैं… लखनऊ केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का संसदीय क्षेत्र भी है। योगी सरकार में यहां के तीन विधायक कैबिनेट मंत्री भी हैं। जाहिर है लखनऊ में केन्द्रीय गृह मंत्री और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के साथ इन तीनों मंत्रियों की भी प्रतिष्ठा दांव पर होगी।

मुलायम-अखिलेश को गढ़ बचाना की चुनौती

मुलायम और अखिलेश यादव के गढ़ इटावा और मैनपुरी में भी दूसरे दौर में चुनाव होने हैं। ऐसे में इन दोनों पर भी अपना किला बचाने की चुनौती होगी। सपा के गढ़ में बीजेपी ने 2017 विधानसभा चुनाव में सेंध लगाई थी और केवल शिवपाल यादव ही अपनी सीट जसवंत नगर बचा सके थे। इस बार सपा के सामने इटावा और मैनपुरी में नगर पालिका और नगर पंचायतों में जीत हासिल करने की चुनौती है। सपा की मुश्किल इसलिए भी बड़ी है क्योंकि इस बार बीजेपी राज्य की सत्ता पर काबिज है।

प्रधानमंत्री के क्षेत्र में बीजेपी का इम्तिहान

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के नगर निकाय का चुनाव काफी अहम है। यहां के नतीजे राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करेंगे। फिलहाल वाराणसी में बीजेपी का मेयर है। इस बार विपक्षी दलों ने वाराणसी में बीजेपी को हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपने किले पर कब्जा बरकरार रखती है या विपक्ष सेंध लगाने में कामयाब होता है।

कल्याण के पोते की असली परीक्षा

कल्याण सिंह राजस्थान के गवर्नर बन गए लेकिन यूपी में उनका जलवा बरक़रार है। उन्होंने चुनाव में पहली बार जीते अपने पोते संदीप सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनवा दिया। अब संदीप सिंह के सामने अलीगढ़ नगर निगम में जीत दिलाने की जिम्मेदारी है। पिछली बार भी बीजेपी का मेयर ही अलीगढ़ को संभाल रहा था। ऐसे में अब अलीगढ़ की जनता काम की कसौटी पर भी बीजेपी को परखेगी।

बहराइच में महिला मंत्री की परीक्षा

बहराइच से पहली बार चुनाव जीतीं अनुपमा जायसवाल योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री हैं। उनके ऊपर बहराइच की खास जिम्मेदारी है। बहराइच में पिछले चुनावों में सपा और बसपा का ही दबदबा रहा था। ऐसे में उनके सामने इस तिलिस्म को तोड़ने की बड़ी चुनौती है।

वरुण की नाराजगी भारी न पड़े बीजेपी को

वीओ- सुल्तानपुर में बीजेपी के सामने दोहरी चुनौती है। गांधी परिवार के गढ़ रहे इस क्षेत्र से फिलहाल बीजेपी के वरुण गांधी सांसद हैं। पिछले कई महीनों से वरुण गांधी की पार्टी से नाराजगी की खबरें सामने आती रही हैं। ये देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी विपक्ष के वार के साथ वरुण की कथित नाराजगी से कैसे निपटती है।

दूसरे दौर के चुनाव के नतीजे बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुलायम सिंह की लोकप्रियता का संकेत देंगे। इस दौर से ये साबित होगा कि प्रदेश के जनमानस में अब भी मोदी और योगी का जादू बरकरार है या विपक्ष जनता में पैंठ बनाने में कामयाब रहा है।

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