Thu. Feb 21st, 2019

शख्सियत

शख्सियत

भारतेंदु हरिश्चंद्र : आधुनिक हिंदी के पितामह जिनकी जिंदगी लंबी नहीं बड़ी थी

‘बाबू मोशाय!!! जिंदगी लंबी नहीं…बड़ी होनी चाहिए…!’ यह डायलॉग 1971 की चर्चित फिल्म ‘आनंद’ का