Thu. Jan 17th, 2019

उत्तराखंड: सहकारिता के चुनावों को लेकर हो रही ह लचल बीच सियासी दलों ने शुरू की अपनी तैयारी

देहरादून। प्रदेश में सहकारिता के चुनाव फरवरी के दूसरे हफ्ते से संभावित हैं। हालांकि, इस सिलसिले में विभागीय स्तर से कवायद चल रही है, लेकिन फैसला 15 जनवरी को शासन में होने वाली बैठक में लिया जाएगा। दूसरी ओर, सहकारिता के चुनावों को लेकर हो रही हलचल के बाद सियासी दलों ने इसके लिए गोटियां बिछानी प्रारंभ कर दी हैं।

759 प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) के अलावा सभी जिलों में क्रय-विक्रय व विपणन समितियों के साथ ही शीर्ष संघों में जिला सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, राज्य सहकारी संघ, सहकारी आवास संघ के रूप में प्रदेशभर में सहकारिता का ठीकठाक ढांचा है।

पैक्स समितियों का कार्यकाल फरवरी-मार्च में खत्म होना है, जबकि बाकी समितियों व संघों का मई-जून तक। नियमानुसार कार्यकाल खत्म होने से 15 दिन के भीतर नए चुनाव कराए जाने चाहिए।

इस सबको देखते हुए सहकारिता विभाग इन दिनों कवायद में जुटा हुआ है। इसके लिए प्रारंभिक खाका भी तैयार किया जा चुका है। चुनाव की प्रक्रिया फरवरी के दूसरे हफ्ते से लेकर जुलाई तक चल सकती है।

इस संबंध में पूछने पर निबंधक सहकारी समितियां बीएम मिश्रा ने कहा कि सहकारिता के चुनाव को लेकर 15 जनवरी को शासन में बैठक होनी है। इसमें तिथियों का निर्धारण किया जा सकता है।

भाजपा के लिए चुनौती हैं चुनाव

राज्य में शीर्ष सहकारी संघों व समितियों में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब भाजपा के लिए ये चुनाव भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

हालांकि, 96 समितियों को भंग करने के साथ ही राज्य सहकारी संघ और राज्य सहकारी बैंक में वह अपने अध्यक्ष बैठा चुकी है। लेकिन, चुनाव होने पर उसे जमीनी स्तर से मजबूत रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा। सहकारिता का ढांचा इस तरह का है कि निचली समितियों से ही शीर्ष संघों के लिए प्रतिनिधि जाते हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। समितियों के लिए पैनल बनाए जा रहे हैं। पार्टी की कोशिश है कि विस चुनाव की भांति इन चुनावों में भी परचम लहराया जाए।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *