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50 लाख से ज्‍यादा भारतीय यूजर्स की निजी जानकारी शेयर! फेसबुक डाटा लीक की संख्‍या 8.7 करोड़

कैंब्रिज एनालिटिका को गलत ढंग से शेयर किया गया फेसबुक यूजर्स का डाटा लीक संख्‍या 5 करोड़ से बढ़कर 8.7 करोड़ तक पहुंच गया है। यह संख्‍या पहले से बताई संख्‍या से कहीं ज्‍यादा है। राजनीतिक फायदे के लिए फेसबुक यूजर्स की निजी जानकारी लीक करने के बाद अब फेसबुक की साख व विश्‍वसनीयता पहली बार दांव पर लगी हुई है।

डाटा लीक पर फेसबुक के सीटीओ का नया अपडेट
फेसबुक के चीफ टेक्‍नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ) माइक शेरोपफेर ने कहा कि फेसबुक यूजर्स की निजी जानकारी जो लीक हुई है उसकी कुल संख्‍या 8.7 करोड़ हो सकती है। इनमें से ज्‍यादातर यूजर्स अमेरिका के हैं। हो सकता है ये जानकारियां गलत तरीके से कैंब्रिज एनालिटिका को शेयर की गई हों। एक दिन पहले ही फेसबुक ने कहा था कि उसने यूजर्स की जानकारी की बेहतर सुरक्षा को लेकर कुछ बदलाव किए हैं।

81 प्रतिशत निजी जानकारियां अमेरिकी यूजर्स के
लीक हुए डाटा में से 81 प्रतिशत निजी जानकारियां अकेले अमेरिकी यूजर्स के शामिल हैं। करीब 7.08 करोड़ डाटा अमेरिकी फेसबुक यूजर्स के थे जो गलत तरीके से कैंब्रिज एनालिटिका को मिले थे। इसके बाद 1.1 प्रतिशत निजी जानकारियां यूके और इंडोनेशियाई फेसबुक यूजर्स के शामिल हैं। निजी जानकारियां लीक होने के मामले में भारतीय यूजर्स की संख्‍या 7वें नंबर पर आती है। 562455 भारतीय यूजर्स की निजी जानकारियां लीक हो सकती हैं।

एप एपीआई के जरिए नहीं एक्‍सेस कर सकेंगे पोस्‍ट
फेसबुक के सीटीओ ने कहा कि अब तक यूजर्स जो परमिशन देते थे उससे एप उनकी निजी इवेंट के आयोजन सहित उनकी गतिविधियों की जानकारी एक्‍सेस कर रहे थे। इससे कैलेंडर या एप में फेसबुक इवेंट प्‍लान करने में आसानी होती थी। लेकिन फेसबुक इवेंट में लोगों की गतिविधियों की जानकारी तो होती ही थी उनकी वॉल पर पोस्‍ट भी हो जाती थी। अब एप एपीआई के जरिए इवेंट वॉल से यूजर्स की गेस्‍ट लिस्‍ट या पोस्‍ट एक्‍सेस नहीं कर सकेंगे। उन्‍होंने अपनी एक लंबी पोस्‍ट में लिखा है कि भविष्‍य में कंपनी कड़े प्रतिबंधों के साथ ही किसी एप को एपीआई एवेंट के लिए मंजूरी देगी।

लाइक, पोस्‍ट, फोटो आदि  के लिए लेनी होगी मंजूरी
बुधवार से सभी एप्‍स को यूजर्स की पोस्‍ट, फोटो, वीडियो, लाइक, चेक इन, इवेंट या ग्रुप जैसी जानकारी हासिल करने के लिए फेसबुक से मंजूरी लेनी अनिवार्य होगी। फेसबुक के सीटीओ ने कहा कि हमने एप्‍स को इस प्रकार की मंजूरी 2014 में देनी शुरू की थी लेकिन इन आंकड़ों को एक्‍सेस करने के लिए किसी भी एप को फेसबुक से मंजूरी देने के लिए कड़े प्रावधान से गुजरना होगा।

धार्मिक, राजनीतिक जैसी जानकारी की मंजूरी नहीं
सीटीओ ने कहा कि हम किसी भी एप को यूजर्स की निजी जानकारी एक्‍सेस करने की इजाजत नहीं देंगे, जिनमें उसकी धार्मिक मान्‍यताएं, राजनीकि दृष्टिकोण, रिलेशनशिप स्‍टेटस, दोस्‍तों की सूची, शिक्षा और काम करने इतिहास, फिटनेस एक्‍टीविटी, किताब पढ़ने, पसंदीदा संगीत, समाचार, वीडियो देखने और गेम संबंधी गतिविधियां शामिल हैं। सीटीओ ने लिखा है कि अगले सप्‍ताह से हम ऐसी व्‍यवस्‍था कर रहे हैं कि कोई भी डेवलर्स फेसबुक यूजर्स से उनके निजी डाटा शेयर करने के लिए रिक्‍वेस्‍ट नहीं कर सकेंगे। यदि ऐसा होता दिखेगा तो वे 3 महीने तक एप का इस्‍तेमाल नहीं कर सकेंगे।

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