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वॉलमार्ट डील से फ्लिपकार्ट के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, ऐसे बन गए करोड़पति

फ्लिपकार्ट को वॉलमार्ट द्वारा खरीदने के बाद भारतीय रिटेलर कंपनी के करीब 100 से अधिक कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो गई है। इस डील से उन कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा हुआ है, जिनके पास पहले से फ्लिपकार्ट के शेयर मौजूद हैं।

 कर्मचारी बने करोड़पति
इस डील से कंपनी के 100 कर्मचारी करोड़पति बन गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वॉलमार्ट की ओर से फ्लिपकार्ट के कर्मचारियों को शेयर बेचने के लिए 100% बायबैक का ऑफर दिया जाएगा। बता दें कि, फ्लिपकार्ट अपने स्टॉक को 4 साल की अवधि में दिए जाते थे। इसके बाद कर्मचारियों को एक साल की सीमा के बाद हर महीने उन्हें कंपनी को देने की अनुमति होती थी।

शेयरों की कीमत 13455 करोड़ रुपये
इन कर्मचारियों के पास जो शेयर मौजूद हैं वो करीब 13455 करोड़ रुपये के हैं। इस डील के बाद यह कर्मचारी अपने शेयर फ्लिपकार्ट को बेच सकते हैं, जिसके बाद यह सभी कर्मचारी करोड़पति बन जाएंगे।

भारतीय बाजार में पिछले दरवाजे से घुसने की कोशिश कर रहा वॉलमार्ट  
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने ‘फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट’ डील पर सवाल उठाया है। मंच ने बुधवार को आरोप लगाया कि यह पिछले दरवाजे से भारतीय खुदरा बाजार में घुसने की वालमार्ट की कोशिश है। उन्होंने देश हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की।

स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। यह आरएसएस का आर्थिक संगठन है। उसने दावा किया कि मौजूदा नियमों से बचने के लिए वॉलमार्ट ई-कॉमर्स का सहारा ले रहा है। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि वॉलमार्ट पिछले दरवाजे से भारतीय बाजार में दाखिल होने की कोशिश कर रहा है। दरअसल मल्टी ब्रांड खुदरा में विदेशी कंपनियों को आने की मंजूरी नहीं हैं।

एसजेएम के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि यह छोटे और मध्यम उद्योगों, छोटी दुकानों और नौकरियां पैदा करने के अवसर को खत्म कर देगा। इनमें से अधिकतर छोटे उद्योग खुद को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वालमार्ट के आने से उनके लिए और समस्याएं पैदा हो जाएंगी।

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