Mon. Dec 17th, 2018

फ्रांस के राष्ट्रपति अाज अाएंगे इंडिया, 12 मार्च को पीएम मोदी कराएंगे गंगा की सैर

चीन की बढ़ती गतिविधियों की वजह से हिंद महासागर अभी वैश्विक कूटनीति में चर्चा के केंद्र में है। ऐसे में भारत भी इस क्षेत्र में अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार रणनीतिक कदम उठा रहा है। इस क्रम में शनिवार को भारत और फ्रांस के बीच हिंद महासागर में रणनीतिक सहयोग पर अहम घोषणा होने की संभावना है। यह घोषणा पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद होगी। भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी 20 वर्षो से है। लेकिन, हिंद महासागर को लेकर होने वाले समझौता बिल्कुल नए किस्म का होगा। यह समझौता दोनों देशों की नौसेना के लिए एक-दूसरे के सैन्य अड्डे के इस्तेमाल का रास्ता खोल सकता है।

राष्ट्रपति मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट के साथ पहली भारत यात्रा पर शुक्रवार देर शाम नई दिल्ली पहुंचेंगे। उनके भव्य स्वागत की तैयारी है। पीएम मोदी स्वयं राष्ट्रपति मैक्रों के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजारेंगे। मैक्रों मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी जाएंगे, जहां वह मिर्जापुर में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सोलर पार्क की आधारशिला रखेंगे। वाराणसी में मोदी और मैक्रों की एक व्यक्तिगत भोज में भी बातचीत होगी। इसके पहले रविवार को इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) की पहली बैठक में भी दोनों नेता साथ रहेंगे।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हाल ही में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच गठबंधन बनाने की कोशिश शुरू हुई है। इसको लेकर चीन की तरफ से बेहद तीखी प्रतिक्रिया जताई गई है। भारत और अमेरिका अंदरखाने में यह कोशिश कर रहे हैं कि इस गठबंधन में कुछ योरपीय देशों को भी शामिल किया जाए। इससे गठबंधन को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता मिलेगी। मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ यह मुद्दा भी उठाएंगे। फ्रांस के उच्चस्तरीय सूत्रों के मुताबिक, ‘हम चार देशों के गठबंधन को लेकर खुले मन से सोच रहे हैं। लेकिन, फिलहाल हिंद महासागर में भारत के साथ रणनीतिक सहयोग पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं। इसका मतलब यह नही है कि हम दूसरे विकल्पों के लिए रास्ता बंद कर रहे हैं।’

फ्रांस ने मुश्किल वक्त में दिया था भारत का साथ

फ्रांस ने भारत को 1998 में तब रणनीतिक साझेदार बनाया था, जब परमाणु परीक्षण की वजह से अधिकतर देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाया था। सूत्रों के मुताबिक फ्रांस और भारत के बीच नए रणनीतिक रिश्तों का आयाम ज्यादा व्यापक व वैश्विक होगा। फ्रांस भारत को एक अहम वैश्विक शक्ति के तौर पर देखता है। उसी हिसाब से समझौता भी किया जाएगा।

वार्ता में रक्षा उपकरणों की खरीद का मुद्दा भी उठेगा

मोदी और मैक्रों के बीच बातचीत में रक्षा उपकरणों व युद्धक जहाजों की खरीद का मुद्दा भी अहम रहेगा। मैक्रों के साथ फ्रांस की 50 बड़ी कंपनियों के सीईओ भी आ रहे हैं। इसमें हथियार बनाने वाली कुछ कंपनियों के सीईओ भी शामिल हैं। फ्रांसीसी कंपनी के सहयोग से लगने वाले आणविक ऊर्जा प्लांट को लेकर भी एक समझौता दोनों देशों के बीच होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *