Wed. Mar 20th, 2019

देशभर में भारी बारिश से आई बाढ़ ने मचाई तबाही, असम में 30 से ज्यादा लोगों की मौत

देश में मानसून ने इस बार जब दस्तक दी तो अपने साथ भारी तबाही भी साथ लेकर आया। कई राज्यों में हो रही भारी बारिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। कई नदियां उफान पर हैं तो कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही असम में मचाई है। यहां अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगहों पर लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं, जिन्हें वहां से सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीमें लगी हुई हैं। 

पहाड़ों में झमाझम बारिश के चलते उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। तीनों ही राज्यों में राजमार्गों समेत कई मार्ग बंद हो गए हैं। कई जगह पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से लोगों को पीने के पानी के लिए भी परेशान हैं। सिरसा और पंजाब में बारिश से घरों की छत टूट जाने से अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई। 

उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सीमांत इलाकों में बारिश का कहर जारी है। धारचूला के गलाती में पांच मकान और मुनस्यारी के जैंती में नाले के उफान में एक घराट बह गया। घराट से पांच किलोवाट बिजली का उत्पादन होता था। मुनस्यारी में खतरे की जद में आए कई परिवारों को प्राइमरी स्कूलों और मंदिरों में शिफ्ट किया गया है। नजंग के पास बौलायर धार में फंसे आदि कैलाश के चार और दो कैलाश यात्रियों समेत 50 लोग सुरक्षित धारचूला पहुंच गए हैं। बारिश से हाईवे- 94 जगह-जगह अवरुद्ध रहने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। 

हिमाचल में 10 जुलाई तक जारी रहेगी बारिश

बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश के चंबा और कुल्लू जिला में भारी नुकसान हुआ है। कुल्लू में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। राज्य की आधा दर्जन सड़कें बंद हो गई हैं और करीब एक दर्जन से अधिक रूट प्रभावित हैं। जनजातीय क्षेत्र की चोटियों पर हल्की बर्फबारी से तापमान में गिरावट आई है। चंबा जिले में मूसलाधार बारिश से किसानों के मक्के की फसल 15 से 20 प्रतिशत तक पानी के बहाव के चलते बह गई है। हिमाचल के अधिकांश क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को भी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दस जुलाई तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। 

असम में अब तक 30 से ज्यादा की मौत

असम में भारी बारिश की वजह से ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। करीब पांच जिले बाढ़ की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। 50,000 से ज्यादा की आबादी बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ की वजह से अब तक यहां 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 

पश्चिम बंगाल में भी हालात सामान्य नहीं 

पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश से हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। कई गांवों में बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है। जलपाईगुड़ी जिला और बानरहाट में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। कई परिवार इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।   

घाटी में बाढ़ में फंसे कई लोगों को बचाया गया

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी नालों में बाढ़ में फंसे 104 लोगों को बुधवार को सुरक्षित बचा लिया गया। राजौरी और पुंछ जिलों को कश्मीर से जोड़ने वाले मुगल रोड पर मंगलवार देर रात से भूस्खलन में फंसे करीब सौ लोगों के अलावा ऊधमपुर जिले के गोरडी नाला में फंसी दो महिलाओं व दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं त्राल में बादल फटने से एक आवासीय मकान को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है।

पंजाब में भारी बारिश से घर की छत ढही, कई की मौत

पंजाब के मुक्तसर के मलोट के मोहल्ला राम सिंह वाला में मंगलवार की रात बारिश के दौरान मकान की छत गिरने से एक परिवार में पिता व दो बेटियों की मौत हो गई। जबकि मृतक की गर्भवती पत्नी ने अस्पताल में दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। उधर, गांव मलोट में भगवानपुरा रोड पर घर की छत गिरने से सुखजीत कौर और गांव माहूआणा में ढाबे की छत गिरने से तरसेम सिंह निवासी छतराना, पटियाला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के परिवारों को डिप्टी कमिश्नर डॉ. सुमित जारंगल ने एक-एक लाख रुपये माली सहायता देने की घोषणा की है। उधर, सिरसा के डबवाली में एक घर की छत ढह जाने से दो बच्चों की मौत हो गई। 

…और यहां एक बूंद नहीं बरसी

 उत्तराखंड में मानसून आए एक हफ्ते से ज्यादा समय हो चुका है। एक तरफ समूचे उत्तराखंड में बारिश ने तबाही मचा रखी है, वहीं गरुड़ के 106 गांवों के लोग बारिश के लिए आसमान पर टकटकी लगाए हुए हैं। यहां बारिश ने अब तक दस्तक ही नहीं दी है। 

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