Mon. Dec 17th, 2018

मिशन 2019: दिल्ली में तय होगी जेडीयू की लोकसभा चुनाव रणनीति

भाजपा के साथ चल रहे नरम गरम रिश्तों और विपक्षी खेमे में एकता की कोशिशों के बीच जनता दल (यूनाइटेड) दिल्ली में अपनी भावी रणनीति तैयार करेगा। दिल्ली में रविवार को होने वाली जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन को मजबूत करने, अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारी और साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा होगी। 

जदयू के दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करने से साफ है कि वह राष्ट्रीय राजनीति के फलक पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के साथ शरद यादव के समर्थन वाले बागी धड़े के मुकाबले ज्यादा ताकत दिखाना चाहती है। कार्यकारिणी में देश भर के लगभग सौ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। पार्टी अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक दिन पहले 7 जुलाई को ही दिल्ली आ जाएंगे और उस दिन शाम को पार्टी पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे।

भाजपा पर दबाब बनाने का प्रयास
भाजपा के साथ आने के बाद जदयू की चिंता लोकसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर ज्यादा है। बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने पर उसे महज दो सीटें ही मिली थी। दूसरी तरफ एनडीए  के अन्य दलों भाजपा, लोजपा व रालोसपा के पास 31 सांसद हैं। ऐसे में 40 लोकसभा सीटों में जदयू के लिए सीटों का संकट बना हुआ है। जदयू की मांग काफी ज्यादा है, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने अधिकतम एक दर्जन सीटें देने के ही संकेत दिए हैं।

भाजपा के शीर्ष नेताओं से हो सकती है चर्चा
दिल्ली में बैठक के दौरान नीतीश कुमार की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात हो सकती है। भाजपा अध्यक्ष ने बीते दिनों अलग अलग मौकों पर अपने प्रमख सहयोगी दलों के नेताओं उद्धव ठाकरे, प्रकाश सिंह बादल व रामविलास पासवान के साथ बैठकें की थी। लेकिन जदयू के साथ शीर्ष स्तर पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

माहौल का आकलन कर रहे नेता
सूत्रों के अनुसार जदयू अगले चुनाव के पहले के माहौल को भांप रही है। जदयू के कुछ नेता कांग्रेस व राजद के साथ जाने या फिर भाजपा के साथ रहने में ही लाभ हानि का आकलन कर रहे हैं। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा व विशेष पैकेज के मुद्दे पर नीतीश कुमार व केंद्र की भाजपा सरकार के बीच मतभेद रहे हैं। 

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