Mon. Jan 21st, 2019

सद्दाम पैडर के खात्मे के साथ साफ हुई बुरहान की आतंकी ‘टीम-11’, जानें- कब, कहां, किसे मिली मौत

सुरक्षा बलों ने आतंकी बुरहान वानी की गैंग में शामिल सभी 11 दहशतगर्दों को ढेर कर दिया है। बुरहान गैंग के इस सफाए से घाटी के माहौल को सुधारने में मदद मिल सकेगी। हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर और आतंक के नए पोस्टर ब्वॉय बने बुरहान वानी की 10 अन्य आतंकियों के साथ तस्वीर सामने आने के बाद सनसनी फैल गई थी।

जानें, सुरक्षा बलों ने इन 11 आतंकियों का कहां और कैसे किया खात्मा…

बुरहान वानी
हिजबुल मुजाहिदीन को कमांडर रहे बुरहान वानी को सुरक्षा बलों ने 8 जुलाई, 2016 को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके मारे जाने के बाद घाटी में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। जमात-ए-इस्लामी से पढ़ा बुरहान वानी हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ने के बाद घाटी में आतंक का नया पोस्टर ब्वॉय बन गया था। उसके साथ 10 अन्य आतंकियों की तस्वीर सामने आई थी, जिसे बुरहान-11 कहा जा रहा था। सुरक्षा बलों ने इन सभी का खात्मा कर घाटी को एक तरह से आतंक की नई पौध से मुक्ति दिला दी है।

बुरहान गैंग का आखिरी कमांडर था सद्दाम पैडर

सुरक्षा बलों ने 6 मई को शोपियां के बाडिगाम इलाके में 5 आतंकियों को मार गिराया। इनमें बुरहान वानी गैंग का आखिरी कमांडर सद्दाम पैडर भी शामिल था।

बुरहान का करीबी था सबजार बट
 
बुरहान वानी के करीबी सहयोगियों में से 26 साल का सबजार बट था। सबजार त्राल के राठसुना का रहने वाला था। अप्रैल 2015 में वह हिजबुल का हिस्‍सा बना था। उसे महमूद गजनवी भी कहते थे और कुछ लोग उसे ‘सब का डॉन’ सबजार भी कहते थे। सबजार ने हिजबुल में शामिल होने का फैसला तब लिया, जब उसकी गर्लफ्रेंड ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। सेना ने उसे 27 मई, 2017 को त्राल में एक मुठभेड़ में मार गिराया था।
हिजबुल के लिए फंड जुटाता था आदिल खांडे 
शोपियां के मांजीपुरा इलाके में 22 अक्टूबर, 2015 को हुई मुठभड़े में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। इनमें बुरहान गैंग का आदिल खांडे भी शामिल था। वह हिजबुल मुजाहिदीन के लिए फंड जुटाने का काम करता था।

एक साथ ढेर हुए थे नसीर पंडित और वसीम मल्ला
29 साल का नसीर अहमद पंडित पुलवामा के करीमाबाद का रहने वाला था। पुलिस में सिपाही रह चुके नसीर ने आतंकवाद का रास्ता पकड़ लिया था। उसके साथ बुरहान गैंग के ही तारिक पंडित और दोस्त अफाक अहमद बट ने भी हिजबुल जॉइन किया था। अप्रैल, 2016 में एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने नसीर और बुरहान गैंग के ही एक और कमांडर वसीम मल्ला को मार गिराया था।

कारोबारी का बेटा था इशफाक हमीद 
महज 23 साल की उम्र में ही आतंकवाद की राह पकड़ने वाले इशफाक हमीद को सुरक्षा बलों ने मई, 2016 में एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। वह फरवरी 2015 में हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा था। अनंतनाग के रहने वाले इशफाक के पिता क्रिकेट बैट बनाने का कारोबार करते थे।

ऑनलाइन ऑपरेशन चलाता था अफ्फाक बट 
बुरहान गैंग के अहम सदस्य रहे अफ्फाक बट को सुरक्षा बलों ने अक्टूबर 2015 में ही एक एनकाउंटर में मार गिराया था। 25 साल का अफ्फाक पुलवामा का रहने वाला था। एमटेक की डिग्री ले चुका अफ्फाक हिजबुल के ऑनलाइन ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालता था।

वसीम अहमद शाह 
शोपियां का रहने वाला 24 साल का आतंकी वसीम अहमद नवंबर 2016 में एक मुठभेड़ में मारा गया था।

तारिक पंडित ने कर दिया था सरेंडर
 
बुरहान वानी गैंग के आतंकी तारिक पंडित ने सुरक्षा बलों के समक्ष 28 मई, 2016 को सरेंडर कर दिया था। हालांकि कहा यह भी जाता है कि सेना ने उसे जिंदा पकड़ा था।

मुठभेड़ में मारा गया अनीस
 
बुरहान वानी गैंग के आतंकी अनीस को भी सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था।

 

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *