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26/11 मुंबई हमले में अपने माता-पिता को खोने वाला मोशे भारत पहुँचा

26/11 मुंबई हमले में अपने माता-पिता को खोने वाला मोशे आज भारत पहुंच गया।  2008 के मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के समय वह सिर्फ दो साल का था तब उसकी आया ने उसे बचा लिया था। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जुलाई में अपने इसराईल के दौरे के दौरान मोशे से मुलाकात की थी और उसे भारत आने का न्यौता दिया था। इसराईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दौरे के दौरान मोश भी भारत आया है।

मोशे ने मुंबई में चबाद हाऊस की यात्रा की ख्वाहिश जाहिर की थी। वो अब प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मुंबई के चाबद हाऊस के एक समारोह में नजर आएगा। चाबद हाऊस वही जगह है जहां कई भारतीयों के साथ बेबी मोशे ने भी अपने माता-पिता रब्बी गवेरियल और रिवाका होल्त्ज़बर्ग को खो दिया था। मोशे के माता-पिता चाबद हाऊस के निदेशक थे। 2008 के आतंकवादी हमलों में चबाद हाऊस भी निशाना बना था, इन हमलों में 164 लोग मारे गए थे।

मोशे और उसके इसराईली माता-पिता मुंबई के नरीमन हाऊस (अब चबाड हाउस) में रहते थे। सैंड्रा सैमुअल मोशे की आया थीं। 2008 में 26 नवंबर को मुंबई पर लश्कर तैयबा के हमले में नरीमन हाऊस को भी निशाना बनाया था। सैंड्रा सैमुअल ने जब गोलियों की आवाज सुनी तो घबरा गई। और कमरे से निकल सीढ़ियों के नीचे छिपकर जान बचाई। अचानक उसे मोशे के रोने की आवाज सुनी तो वह उनके कमरे में गई तो देखा कि मोशे अपने माता-पिता के शवों के बीच खड़ा रो रहा है। सैंड्रा ने झट से मोशे को उठाया और इमारत से बाहर निकलने में किसी तरह कामयाब रही। मोशे अब यरूशलेम से लगभग 90 किमी दूर अपने दादा-दादी के साथ आफ़ल नाम के शहर में रहता है। वह नौ साल बाद भारत लौटा है।

 

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