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अपने दोस्त मोदी के लिए इजरायल से ‘अनोखा’ तोहफा लाएंगे नेतन्याहू!

यरुशलम। भारत दौरे पर आ रहे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने भारतीय समकक्ष और मित्र नरेंद्र मोदी को एक खास उपहार देंगे। वह प्रधानमंत्री मोदी को समुद्र के खारे पानी को पेयजल में बदलने वाली जीप भेंट करेंगे। मोदी ने पिछले साल इजरायल दौरे के वक्त इस जीप से साफ किए गए समुद्री पानी को पीकर देखा था।

इजरायल के प्रधानमंत्री चार दिवसीय दौरे के लिए 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे। सूत्रों ने बताया कि भेंट की जाने वाली जीप निर्धारित समय पर भारत पहुंच जाएगी। इस जीप की कीमत 1.11 लाख डॉलर (करीब 70 लाख रुपये) है। मोदी जब पिछले साल जुलाई में इजरायल दौरे पर गए थे तो नेतन्याहू के साथ राजधानी तेल अवीव से हाइफा जाते वक्त ओल्गा समुद्र तट पर रुके थे।

वहां उन्होंने गेल-मोबाइल वाटर डिसेलिनेशन एंड प्यूरिफिकेशन जीप देखी थी। उन्होंने इस जीप से समुद्र तट का भ्रमण भी किया था। इस दौरान खुद नेतन्याहू जीप चला रहे थे। मोदी ने इस जीप की खूबी को देखने के बाद कहा था, ‘यह वाहन खासतौर पर प्राकृतिक आपदा के समय पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को पेयजल मुहैया करा सकता है।’

आपदाओं और दुर्गम इलाकों में आ सकता है काम

गेल-मोबाइल जीप पानी को साफ करने वाला वाहन है। इससे उच्च गुणवत्ता का पेयजल तैयार किया जाता है। यह वाहन बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं और दुर्गम इलाकों में सेना के लिए उपयोगी हो सकता है। इससे ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल मुहैया कराया जा सकता है।

दिन में 20 हजार लीटर पेयजल बनाने की क्षमता

गेल-मोबाइल जीप रोजाना 20 हजार लीटर तक समुद्री पानी और 80 हजार लीटर तक नदी के दूषित पानी को पीने लायक बना सकती है।

जानें- कब हुई भारत-इजरायल संबंधों की शुरुआत

1948 में भारत ने स्वतंत्र यहूदी राज्य के गठन का विरोध किया था। लेकिन 17 सितंबर 1950 को भारत ने इजरायल को सीमित मान्यता दी। इसके तुरंत बाद इजरायल ने तत्कालीन बंबई में अपना अप्रवासी कार्यालय खोला, जिसे बाद में व्यापार कार्यालय और फिर वाणिज्यिक दूतावास में बदल दिया। 1992 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद इजरायल और भारत ने अपने दूतावास बनाए। यहीं से दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की नींव पड़ी।

युद्ध के दौरान मददगार रहा है इजरायल

भारत का मित्र देश रहा है इजरायल। 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध के समय इजरायल ने भारत को आधुनिक सैन्य तकनीक मुहैया कराई। 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारत की बोफोर्स तोपों के लिए अपने स्टॉक से गोला-बारूद भेजा। एक सैन्य जासूसी उपग्रह लीज पर देने के साथ भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को दो जासूसी विमान भी बेचे।

भारत-इजरायल में व्यापारिक रिश्ते

रक्षा और कृषि क्षेत्र दोनों देशों के संबंधों के मुख्य आधार हैं। सैन्य उपकरणों, कृषि और हीरे व जल प्रबंधन तकनीकों में व्यापार से दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 1992 में 20 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2016 में 4.5 अरब डॉलर हो गया। 2014 से 2016 के बीच भारत के लिए इजरायल तीसरा बड़ा हथियार निर्यातक देश बना रहा।

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