Wed. Mar 20th, 2019

आप का ऐलान: संजय सिंह, सुशील और एनडी गुप्ता जाएंगे राज्यसभा

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह, जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट एन. डी. गुप्ता और पूर्व कांग्रेस नेता सुशील गुप्ता को संसद के उच्च सदन राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। दिल्ली से राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 5 जनवरी नामांकन की आखिरी तारीख है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास भी रेस में शामिल थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। बुधवार को आम आदमी पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी की बैठक हुई जिसमें राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई। कुल 18 नाम दावेदार थे जिनमें से 11 पर विस्तृत चर्चा हुई। दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने पीएसी की बैठक के बाद इसका ऐलान किया।

पार्टी ने तय किया था कि राज्यसभा पार्टी के लोगों की बजाय एक्सपर्ट्स को भेजा जाएगा और रघुराम राजन से लेकर जस्टिस टी.एस.ठाकुर तक कई बड़े नामों से संपर्क किया, लेकिन सबने पार्टी के नाम के साथ जुड़ने से इनकार कर दिया। जिसके बाद एन.डी. गुप्ता और सुशील गुप्ता का नाम तय किया गया।

संजय सिंह 
पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह का नाम इसलिए तय किया गया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की अहमियत समझती है। संजय सिंह के नाम को लेकर कोई विवाद भी नहीं था। यहां तक कि कुमार विश्वास के समर्थक भी संजय सिंह के नाम को लेकर कोई आपत्ति नहीं जता रहे हैं।

एन.डी. गुप्ता 
एन.डी. गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। पार्टी के एक नेता के मुताबिक दिल्ली में जीएसटी के सबसे बड़े जानकारों में से एक गुप्ता हैं। 68 साल के गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट असोसिएशन के प्रेजिडेंट रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक गुप्ता अरविंद केजरीवाल के साथ एनजीओ ‘परिवर्तन’ के समय से जुड़े हैं। दो साल से AAP की अकाउंटिंग का सारा काम गुप्ता ही देख रहे हैं। पार्टी एक सीए की तलाश कर रही थी और गुप्ता पर जाकर यह तलाश खत्म हुई।

सुशील गुप्ता 
सुशील गुप्ता सोशल ऐक्टिविस्ट हैं और पूर्व कांग्रेसी हैं। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुके हैं। गुप्ता ने हेल्थ और एजुकेशन दोनों सेक्टरों पर काफी काम किया है। उनके दिल्ली में 10 से ज्यादा चैरिटेबल हॉस्पिटल चल रहे हैं और कई स्कूल। वह महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल और स्कूल के ट्रस्टी हैं और गंगा इंटरनैशनल स्कूल भी चलाते हैं। सूत्रों के मुताबिक 2013 में भी आप ने सुशील गुप्ता को मोतीनगर सीट से टिकट ऑफर किया था लेकिन तब उन्होंने इनकार कर दिया था। वह कांग्रेस के टिकट पर मोतीनगर से 2013 का दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। तब उन्हें बीजेपी के सुभाष सचदेवा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वह तब दूसरे सबसे अमीर उम्मीदवार थे और उन्होंने हलफनामे में अपनी संपत्ति 164 करोड़ रुपये बताई थी।

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