Fri. Mar 22nd, 2019

कहीं बर्फबारी तो कहीं गर्मी से दुनिया परेशान……

दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन का विचित्र नजारा देखने को मिल रहा है। दुनिया के कुछ हिस्सों में बर्फबारी की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। अमेरिका के कई शहरों में तो तापमान शून्य से नीचे चला गया है।

यहां तक कि सहारा के रेगिस्तान में भी जमकर बर्फबारी हुई। अमेरिका-कनाडा की सीमा पर पड़ने वाला दुनिया का सबसे बड़ा झरना नियाग्रा फॉल्स भी ठंड के कारण कई सालों बाद एकदम जम गया है। वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया में गर्मी की वजह से लोगों का हाल बेहाल है।

रेगिस्तान में बर्फबारी : सहारा डेजर्ट में इन दिनों कुछ ऐसा नजारा देखने को मिल रहा हे जिसे शायद ही आपने कभी देखा होगा।

जनवरी की ठंड में जहां पूरी दुनिया ठिठुर रही है वहीं रेगिस्‍तान भी इससे अछूते नहीं हैं। अल्‍जीरिया के ऐन सेफरा टाउन में इस बार 16 इंच तक की बर्फबारी हुई है।

पिछले 37 साल में यह तीसरा मौका है जब इस टाउन में बर्फबारी का नजारा देखने को मिला है। बताया जाता है कि टाउन में एक से दो इंच की बर्फबारी हुई जबकि टाउन के बाहर 16 इंच तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। इससे पहले यहां 1979 में भी कुछ घंटों के लिए बर्फबारी हुई थी। इसके बाद हाल ही में बर्फबारी का नजारा देखने को मिला।

स्विट्जरलैंड में 13 हजार पर्यटक फंसे : स्विट्जरलैंड के सबसे लोकप्रिय स्की स्थलों में से एक जर्मैट में भारी हिमपात के बाद करीब 13 हजार पर्यटक फंस गए। हिमपात की वजह से मुख्य संपर्क मार्ग और ट्रेन सेवा रोक दी गई। शहर में बिजली आपूर्ति भी बाधित है।
ऑस्ट्रेलिया में भीषण गर्मी : एक तरफ दुनियाभर से भारी बर्फबारी की खबरें मिल रही है। यहां के लोग 79 साल की सबसे भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। तापमान बढ़ने से इंसान ही नहीं जानवरों का भी हाल बेहाल है। ऑस्ट्रेलिया में सबसे गर्म जगह रही सिडनी में 47.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। यहां 1939 में 47.8 डिग्री तापमान दर्ज किया था। जनवरी में यहां का औसत तापमान 27.5 डिग्री रहता है।
अमेरिका में बम साइक्लोन : उत्तर-पूर्वी अमेरिका में बर्फीले तूफान ‘बम साइक्लोन’ ने भारी तबाही मचाई। इसके चलते अमेरिका में भारी ठंड पड़ रही है। पूर्वी क्षेत्र में भारी बर्फबारी से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टाइम्स स्क्वायर हो या फिर ब्रुकलिन ब्रिज, पूरा अमेरिका बर्फ से ढंका हुआ है। सड़कों पर बर्फ जमा होने से यातायात पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिला है। लोगों को वाहन चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
चीन में बर्फीला तूफान : चीन में भारी बर्फबारी का कहर सोमवार को भी जारी रहने से घरों, कृषि भूमि और बिजली सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा। पिछले एक सप्ताह में 21 लोगों की मौत हो गई और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा जिआंगसू, हूबेई, हुनान, शांक्सी प्रांत और चोंगक्वींग नगरपालिका क्षेत्र को नुकसान पहुंचा।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, 3700 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया और 14000 लोगों को आपात सहायता की जरूरत हुई। भीषण बर्फबारी से 700 से ज्यादा मकान गिर पड़े और तकरीबन 2800 मकानों को नुकसान हुआ।
उत्तर भारत में शीतलहर : जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत के शीतलहर की चपेट में है। रेलवे ने घने कोहरे के कारण 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है और आठ ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया है। शीतलहर के कारण श्रीनगर में कई जलाशय आंशिक रूप से जम गए हैं। डल झील भी तड़के आंशिक रूप से जम गयी थी लेकिन दिन में अच्छी धूप निकलने से झील का सतह पिघल गया।
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