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खेल मंत्रालय का नया फरमान, काम के पहले करो व्यायाम

फिट रहने के प्रति जागरूकता के लिए खेल मंत्रालय ने अनोखी पहल शुरू की है। अधिकारी हो या चपरासी दफ्तर आने पर उन्हें अब पहले काम नहीं बल्कि व्यायाम करना होगा। जरूरी नहीं है कि व्यायाम मिलकर किया जाए। कमरों या लॉबी में भी इसे अंजाम दिया जा सकता है, लेकिन मंत्रालय हो या फिर उससे जुड़ा कोई भी दफ्तर इस नई व्यवस्था का पालन हर कर्मी को करना होगा। साई में इस आदेश का पालन करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

वहीं नेशनल डोप टेस्ट लैबोरेटरी के वैज्ञानिकों और कर्मियों ने सुबह पौने दस से 10 बजे के बीच ग्रुप में व्यायाम का सिलसिला शुरू भी कर दिया है, जबकि खेल मंत्रालय में जगह की कमी के चलते व्यायाम किस तरह शुरू किया जाए इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। फिट रहने के लिए जागरूक करने को इस तरह की अनोखी पहल देश में इससे पहले कभी और नहीं सुनी गई।

मंत्रालय खेल का हो और उसके कोच और कर्मी ही अनफिट नजर आएं यह बात मंत्रालय के अधिकारियों को नागवार गुजरी। फिर देशवासियों को फिट रहने का संदेश देना है तो शुरूआत घर से ही क्यों नहीं की जाए। इसी को ध्यान में रख मंत्रालय ने यह आदेश निकाला है।

कर्मियों के व्यायाम की परंपरा साई से शुरू करने की बात कही गई। जब तक पूरी तरह व्यायाम की व्यवस्था नहीं बन जाती है तब तक सुबह 10 से 11 बजे के बीच 10 मिनट के लिए ही सभी को अपने स्थान पर ही व्यायाम करने को कहा गया। साई ने व्यायाम के लिए फिजिकल फिटनेस ट्रेनर को बुलाने की भी व्यवस्था कर ली है, लेकिन सबसे पहले बाजी एनडीटीएल ने मारी।

फिट रहने को दूर तक जाएगा संदेश 
खेल मंत्रालय के सचिव राहुल भटनागर का कहना है कि मंत्रालय देश में फिट रहने के प्रति जागरूकता अभियान छेडना चाहती है। खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ भी यही चाहते हैं। अब जागरूकता फैलानी है तो संदेश देने के लिए शुरूआत घर से ही करनी होगी। यही कारण है साई कर्मियों से व्यायाम की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके लिए किसी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। कोई भी कर्मी दफ्तर में कहीं भी थोड़ा बहुत व्यायाम कर सकता है।

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