Home > अध्यात्म > राहु के प्रकोप से बचने के लिए गोमेद रत्न धारण करे

राहु के प्रकोप से बचने के लिए गोमेद रत्न धारण करे

ज्योतिष के अनुसार, राहु का प्रतिनिधित्व गोमेद रत्न करता है। यह चमकदार और चिकना रत्न होता है। राहु के प्रकोप से बचने के लिए गोमेद रत्न धारण किया जाता है।

कौन पहन सकता है

किसी व्यक्ति की राशि या लग्नन मिथुन, तुला, कुंभ या वृष हो तो ऐसे लोगों को गोमेद अवश्य पहनना चाहिए। कुंडली में राहु यदि केंद्र यानी 1,4,7, 10 भाव में हो, तो गोमेद अवश्य धारण करना चाहिए। इसके अलावा राहु यदि दूसरे, तीसरे, नौंवे या ग्यारहवें भाव में हो, तो भी गोमेद धारण करना बहुत लाभदायक होगा।

राहु अगर अपनी राशि से छठे या आठवें भाव में स्थित हो, तो गोमेद पहनना हितकर होता है। यदि राहु शुभ भावों का स्वामी हो और स्वयं छठें या आठवें भाव में स्थित हो, तो गोमेद धारण करना लाभदायक होता है।

राहु मकर राशि का स्वामी है। अत: मकर राशि वाले लोगों के लिए भी गोमेद धारण करना लाभ फलों को बढ़ाता है। राहु अगर शुभ भाव का स्वामी है और सूर्य के साथ युति बनाए या दृष्ट हो अथवा सिंह राशि में स्थित हो, तो गोमेद धारण करना चाहिए। शुक्र, बुध के साथ अगर राहु की युति हो रही हो, तो गोमेद पहनना चाहिए।

कैसे पहनाना चाहिए

गोमेद को शनिवार को विधिनुसार उसकी उपासना के बाद बीच की अंगुली में धारण करना चाहिए। इसे पहनने से पहले ‘ऊं रां राहवे नम:’ का मंत्र 180 बार जप करके गोमेद को जागृत करके पहनना चाहिए। मगर, इसके साथ एक सावधानी जरूर रखनी चाहिए। राहू के इस रत्‍न के साथ माणिक्‍य, मूंगा, मोती और पीला पुखराज नहीं पहनना चाहिए। जिस गोमेद में टूट-फूट हो उसे कभी धारण नहीं करना चाहिए।

गोमेद से लाभ

गोमेद पहनने से राहु का अशुभ प्रभाव दूर होता है। कालसर्प दोष के कष्टों से भी बचाव होता है। जिन लोगों की सेहत अक्सर खराब रहती है, उन्हें भी गोमेद पहनने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। पाचन संबंधी रोग, त्वचा रोग, क्षय रोग तथा कफ-पित्त को भी यह संतुलित रखता है। राहु तीव्र फल देने वाला ग्रह है। गोमेद पहनने से राहु से मिलने वाले शुभ फलों में तेजी आती है। व्यक्ति को मान-सम्मान एवं धन आदि प्राप्त होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *