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अपराधियों के लिये ‘उत्तम प्रदेश’ बना ‘उत्तर प्रदेश’%!%!%!%!%!%!%!%!

पूरी दुनिया में हिन्दुस्तान का बोलबाला है। लेकिन हिन्दुस्तान के सबसे बड़े सूबे यूपी में गुंडों बदमाशों को बोलबाला है। सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ पर सबसे बड़ी चुनौती अपराध पर लगाम लगा कर कानून का राज कायम करने की है। सपा सरकार के गुंडाराज से त्रस्त जनता ने योगी से उम्मीद की थी कि योगी जी यूपी को अपराधमुक्त बनाएं। लेकिन अपेक्षाओं के उलट योगी सरकार बनने के बाद से अपराध में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि एनसीआरबी के ताजा आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे है। आपराधिक घटनाओं में यूपी पहले नंबर पर है। यूपी में आपराधिक घटनाएं 9.5 फीसदी बढ़ीं है।

अपराध के मामले में दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है। वहीं तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र है। वहीं दलितों के खिलाफ अपराध के मामले उन राज्यों में ज्यादा दर्ज किए गए हैं। जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं। आंकड़ों में जो टॉप 5 क्राइम वाले राज्य हैं। उनमें या तो बीजेपी की सरकार है या फिर उनके सहयोगियों की। निराशा पैदा करने वाले इन आंकड़ों के बीच एनसीआरबी की रिपोर्ट ये भी बताती है कि पिछले तीन सालों में हत्या, दंगे, लूटपाट और डकैती की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है। 2015-16 में मर्डर की घटनाओं में कमी आई है। 2015 में ये आंकड़ा 32 हजार 127 था जो 2016 में घटकर 30 हजार 450 हो गया है। इसी तरह लूटपाट और डकैती की घटनाओं में भी 4.5 फीसदी कमी देखी गई है। वही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। 2016 के दौरान दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 33.0% अपराध दर्ज किए गए हैं।

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