Mon. Dec 17th, 2018

नैनीताल जिले के बच्चे करेंगे प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सामने ‘स्वच्छता गीत’ की प्रस्तुति

स्वच्छ भारत अभियान के लिए नैनीताल के शिक्षक डॉ. डीएन भट्ट की कलम से लिखा गया ‘स्वच्छता गीत’ एक बार फिर से वाराणसी में गूंजेगा। छह मिनट 17 सेकेंड की इस प्रस्तुति के साथ ही नैनीताल जिले की उपलब्धियों में एक और बड़ा तमगा जुड़ जाएगा।

 इस बार इस गीत की प्रस्तुति कथक के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सामने दी जाएगी। गीत को जो पांच बच्चे अपनी आवाज देंगे वे भी नैनीताल जिले के ही हैं। यह सब 12 मार्च को वाराणसी के ऐतिहासिक राजघाट पर उस समय होगा, जब दोनों देशों के प्रमुख गंगा में नाव पर सवार रहेंगे। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की उपनिदेशक वंदना चौहान ने डॉ. भट्ट को इसके लिए बुलावा भेजा है।

हर अंतरा में स्वच्छ भारत की अवधारणा
हल्द्वानी के उपशिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत शिक्षक और रंगकर्मी डॉ. देवकी नंदन भट्ट की ओर से लिखे गए गीत की खासियत है कि इसमें प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की सारी अवधारणाएं हर अंतरे में पिरोई गई हैं। गीत में नदियों की सफाई, भोजन से पहले साबुन से हाथ धोना, योग करने, खुले में शौच नहीं करने, पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करने, पौधरोपण आदि विषयों पर जोर दिया गया है। राजकीय इंटर कॉलेज भौर्सा (भीमताल) में कार्यरत शिक्षक डॉ. हरीश जोशी ने गीत को संगीतबद्ध किया है।

वाराणसी में गाए जाने वाले गीत को नैनीताल जिले के पांच बच्चे अपनी आवाज देंगे। इनमें हल्द्वानी के विभिन्न स्कूल में पढ़ने वाले चेतन भट्ट, गौरांशी जोशी, दीपिका जोशी, अभय मेहरा और नवेंदु जोशी शामिल हैं।

इस तरह चयन हुआ गीत का 
शिक्षक डॉ. देवकी नंदन भट्ट के गीत की प्रस्तुति बीती 21-22 फरवरी को वाराणसी में केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा के सामने ‘रस बनारस महोत्सव’ के दौरान दी गई थी। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने इस गीत की प्रस्तुति दिलाने की बात कही थी।

12 मार्च को वाराणसी में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति के साथ इस गीत को देश के हर वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। वाराणसी के आठ स्कूलों की सौ छात्राएं कथक के जरिये प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के समक्ष गीत की प्रस्तुति देंगी। शिक्षक डॉ. हरीश चंद्र जोशी और गीत गाने वाले सभी बच्चों को भी संस्कृति मंत्रालय ने आमंत्रित किया है। आयोजन में शिरकत करने के लिए शुक्रवार को वाराणसी रवाना होंगे।
– डॉ. देवकी नंदन भट्ट, शिक्षक और रंगकर्मी (भौर्सा)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *