Sun. Jan 20th, 2019

वॉलमार्ट इंडिया और फ्लिपकार्ट का नेतृत्व एक ही शख्स के हाथों में दिया जा सकता है

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के साथ प्रस्तावित सौदे पर अभी औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर होने बाकी हैं लेकिन वॉलमार्ट ने अभी से रियल एस्टेट संपत्तियों की खास तौर पर बेंगलूरु में तलाश शुरू कर दी है। सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट अपने कुछ महत्त्वपूर्ण विभागों जैसे आईटी और ई-कॉमर्स को गुड़गांव कार्यालय से बेंगलूरुले जाने की संभावना तलाश रही है। भविष्य में वॉलमार्ट अपना पूरा परिचालन बेंगलूरु ले जा सकती है। एक सूत्र ने कहा, ‘अगर वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के लिए 12 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर रही है, तो उसे अपना कार्यालय बेंगलूरु ले जाना तार्किक लगता है।’ 

मामले से जुड़े एक शख्स ने बताया कि अन्य मोर्चों पर भी सामंजस्य बिठाने की योजना बनाई गई है। अगर योजना के मुताबिक काम हुआ तो वॉलमार्ट इंडिया और फ्लिपकार्ट का नेतृत्व एक ही शख्स के हाथों में दिया जा सकता है। हालांकि अभी तय नहीं है कि इसकी कमान किसे सौंपी जाएगी लेकिन फ्लिपकार्ट के एक संस्थापक उनकी पसंद बन सकते हैं। अगर सचिन बंसल फ्लिपकार्ट में अपनी करीब 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से हटते हैं तो बिन्नी बंसल या कल्याण कृष्णमूर्ति को नेतृत्व दिया जा सकता है। कृष्णमूर्ति फिलहाल फ्लिपकार्ट के मुख्य कार्याधिकारी हैं।

सौदे की बातचीत में सॉफ्टबैंक के चेयरमैन एवं मुख्य कार्याधिकारी मासायोशी सन, फ्लिपकार्ट के दोनों बंसल, वॉलमार्ट के मैकमिलन, लोरे और मैक्केन, टाइगर ग्लोबल के ली फिक्सेल तथा नैस्पर और ऐसेल के प्रतिनिधि और वॉलमार्ट को परामर्श देने वाली जेपी मॉर्गन चेज के शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे। वर्तमान में वॉलमार्ट इंडिया के कारोबार को क्रिस अय्यर देख रहे हैं। वॉलमार्ट देश में 21 कैश ऐंड कैरी स्टोरों का परिचालन कर रही है। 

मामले के जानकार लोगों का कहना है कि वॉलमार्ट ई-कॉमर्स क्षेत्र में बड़ा करना चाहती है और भारत तथा अमेरिका में एमेजॉन को टक्कर देना चाहती है। सूत्रों ने कहा कि वॉलमार्ट स्टोर के साथ ही ई-कॉमर्स के जरिये सफलता का रास्ता चुन रही है। एमेजॉन की रणनीति भी यही है।  सूत्रों ने कहा कि वॉलमार्ट इंडिया और फ्लिपकार्ट दोनों अलग-अलग इकाई बनी रह सकती है और अमेरिकी रिटेलर धीरे-धीरे कैश ऐंड कैरी करोबार से हट सकती है। फिलहाल कुछ कारोबार को बेंगलूरु ले जाने में वॉलमार्ट को कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि वहां उसका पहले से ही उत्कृष्टïता केंद्र है। बातचीत सार्वजनिक होने के बाद भी न तो फ्लिपकार्ट और न ही वॉलमार्ट की ओर से प्रस्तावित सौदे के बारे में कोई जानकारी दी गई।
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