मौसमः दिल्ली-एनसीआर में आधी रात को आया आंधी-तूफान, आज भी बारिश की चेतावनी

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिला। बीती रात यानी मंगलवार-बुधवार रात करीब 3 बजे दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर तूफान आया। तेज तूफान की वजह से कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। वहीं कई इलाकों में बारिश भी शुरू हुई। तेज आंधी तूफान के कारण कई जगह पेड़ टूटकर सड़क पर गिर पड़े। हालांकि, अभी तक किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटे में दिल्ली के अधिकांश क्षेत्रों सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र रोहतक, झज्जर, मानेसर, गुरूग्राम, नूह, बागपत, बड़ौत, मेरठ, सोनीपत, फरीदाबाद व आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश होने की बात कही है।

मौसम विज्ञान के विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की गर्मी में कुछ असमान्य घटित हो रहा है। इस साल अब तक मई में उत्तर भारत को तीन पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आंधी और तूफान का सामना करना पड़ा है और 150 से ज्यादा लोगों की जान चली गयी। उत्तर भारत में ग्रीष्म के दौरान धूल भरी आंधी, तूफान और बारिश सामान्य घटना है।

मौसम का पूर्वानुमान व्यक्त करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन) महेश पहलावट ने कहा कि लेकिन इस तरह की तीव्रता नहीं रहती। पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता असमान्य रूप से अधिक है। मौसम विभाग की ओर से आंधी तूफान को लेकर इस बार 14 मई से 18 मई तक चेतावनी जारी की गई है।

तूफान की आशंका को देखते हुए यूपी सरकार ने कहा है कि आज गाजियाबाद में 3:16 से लेकर 4 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली एनसीआर सहित राजस्थान और यूपी के कुछ इलाकों में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया है कि कुछ इलाके में एक बार फिर धूल भरी आंधी और तेज बारिश आ सकती है।

बता दें कि बीते रविवार को भी उत्तर-भारत के कई राज्यों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी। रविवार को आए तूफान में अलग-अलग राज्यों में कुल 80 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। जबकि 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए है।

यूपी में आंधी और तूफान से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार ने मरने वालों के परिजनों को 2 करोड़ रुपये बंटवाए हैं। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रभावितों को राहत कार्य देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि आंधी-तूफान से प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जाए। मरने वालों के परिजनों को सहायता राशि देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित जिलों में राहत का आंकलन कराते हुए इसे तुरंत बंटवाया जाए। जरूरी होने पर प्रभावितों के रहने की व्यवस्था भी की जाए।

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