Sun. Jan 20th, 2019

शर्मनाक! सबसे बड़े अस्पताल में नहीं मिली स्ट्रेचर,भाई के शव को कंधे पर ढोकर भटकता रहा युवक

उत्तराखंड के सबसे बड़े दून अस्पताल में भर्ती भाई की मौत के बाद स्ट्रेचर नहीं मिलने पर एक युवक उसके शव को कंधे पर लादकर भटकता रहा। एंबुलेंस से शव ले जाने के लिए पैसा नहीं था तो अस्पताल कर्मचारियों, समाजसेवियों और किन्नरों ने चंदा एकत्र कर शव के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई।

दिनभर सोशल मीडिया में ऐसी कुछ तस्वीरें वायरल होती रहीं कि एंबुलेंस नहीं मिलने पर एक युवक भाई के शव को कंधे पर लादकर घर ले गया।घटनाक्रम के मुताबिक, यूपी के धामपुर निवासी पंकज ने अपने छोटे भाई सोनू को फेफड़े में गंभीर संक्रमण के चलते दून अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को सोनू की मौत हो गई।

मौत के  बाद डॉक्टरोें ने उसे मृत्यु प्रमाण-पत्र देकर शव ले जाने को कहा। पंकज अस्पताल में स्ट्रेचर लेने गया, लेकिन छह स्ट्रेचर में से कोई खाली नहीं था। इस पर पंकज लौट आया और शव को कंधे पर लादकर अस्पताल के गेट तक ले आया। पंकज का कहना है कि उसने अस्तपाल एंबुलेंस से शव को ले जाने की बात कही तो उससे पांच हजार मांगे गए, लेकिन उसके पास इतने रुपये नहीं थे।

मामले की जानकारी मिलते ही कई अस्पतालकर्मी मौके पर जमा हो गए। इसी बीच कुछ किन्नर अस्पताल आ पहुंचे। आखिरकार अस्पताल कर्मियों और किन्नरों ने मिलकर तीन हजार रुपये इकट्ठा किए और निजी एंबुलेंस बुलाकर पंकज के साथ शव को धामपुर भेजा।

अस्पताल के पास एक ही एंबुलेंस है, जिसे शव के साथ धामपुर नहीं भेजा जा सकता था। जहां तक रुपये मांगने का सवाल है तो नियमों के तहत एंबुलेंस ले जाने पर प्रति किमी 18 रुपये लेने का प्रावधान है। वैसे भी शव के लिए एंबुलेंस देने पर तमाम तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है। कुछ निजी एंबुलेंस संचालक ही शवों को ले जाते हैं। अस्पताल की ओर से हर संभव मदद की गई।
-डॉ. केके टम्टा, सीएमएस, दून अस्पताल

 

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *