अवैध खनन पर विवाद के बाद सांसद त्रिवेन्द्र का आया बयान, पढ़े ये रिपोर्ट

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देहरादून। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संसद में अवैध खनन का मुद्दा उठाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कुछ लोग इसे धामी सरकार के खिलाफ त्रिवेंद्र का सीधा हमला मान रहे हैं तो कुछ इसे जातिवादी रंग देने की कोशिश में लगे हैं। इस मामले पर कुछ जगहों पर त्रिवेंद्र का विरोध भी हुआ। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने साफ किया है कि उन्होंने व्यापक जनहित का मुद्दा संसद में उठाया है और इसका किसी से व्यक्तिगत तौर पर लेना देना नहीं है। सांसद त्रिवेंद्र ने सरकार को खनन के राजस्व बढ़ाने के लिए बधाई देने के साथ नसीहत भी दे डाली कि नियम कायदों का ध्यान रखा जाना भी बेहद जरूरी है।

संसद में दिए बयान के बाद उत्तराखंड में सियासी बवाल है। संसद में दिए वक्तव्य का खनन सचिव द्वारा सीधे खंडन करना और फिर त्रिवेंद्र का कुत्ते बनाम शेर वाला बयान इसे नया मोड़ दे गया। कुछ लोगों ने इस बयान को जातिवादी रंग देने की भी कोशिश की है। जिसके विरोध में कुछ जगह त्रिवेंद्र का पुतला भी दहन किया गया।

सोमवार को सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस विषय पर पत्रकारों से बात की। त्रिवेंद्र ने कहा कि पुतला जलाने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ संसद में कुछ नहीं बोला है, बकौल त्रिवेंद्र मैंने संसद में जो सवाल उठाए वो नियम के तहत उठाए और उत्तराखंड की व्यापक जन समस्या को लेकर उठाए, इकोसिस्टम को लेकर उठाये हैं। ये मामला किसी के खिलाफ व्यक्तिगत नहीं है और किसी को इसे पर्सनली लेने की जरूरत नहीं है।

खनन राजस्व बढ़ने से संबंधित सवाल पर त्रिवेंद्र ने कहा कि इस बात को कोई नकार नहीं सकता कि खनन से राजस्व बढ़ा है, इसके लिए राज्य सरकार को बधाई देता हूं। लेकिन मेरा मानना है कि पर्यावरणीय क्षति का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है। जनहानि का ध्यान रखा जाना चाहिए। मोटर वीकल एक्ट का ख्याल रखा जाना चाहिए।

आईएएस एसोशिएशन के पत्र पर त्रिवेंद्र ने कहा कि मैनें भी वो पत्र पढ़ा है उसमें किसी के भी नाम का उल्लेख नहीं है, न मेरे बयान में किसी के नाम का उल्लेख है। त्रिवेंद्र ने कहा कि मैंने उत्तराखंड की विधानसभा में 15 साल बिताए हैं, हर अफसर जानता है कि मेरा व्यवहार कैसा है। लेकिन अगर अफसरों को ऐसा लग रहा है कि मैंने उन पर टिप्पणी की है तो मेरे कमेंट का किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है। त्रिवेंद्र ने कहा कि मेरे बयान के केवल एक हिस्से को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। ये कुत्सित राजनीतिक प्रयास है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।

बता दें कि हरिद्वार सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दो दो बार संसद में खनन के मुद्दे को उठाकर धामी सरकार को असहज किया है। सोमवार को त्रिवेंद्र ने डोईवाला टोल प्लाजा पर हुए डंपर हादसे में मृत युवक के परिजनों से भी मुलाकात की। आरोप हैं कि जिस डंपर ने कार को रौंदा था उसमें भी खनन सामग्री भरी हुई थी।

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