उत्तराखंड में ई-चालान व स्मार्ट कार्ड लाइसेंस योजना शुरू
देहरादून। परिवहन विभाग की बहुप्रतीक्षित ई-चालान व स्मार्ट कार्ड ड्राईविंग लाइसेंस और पंजीयन पुस्तिका योजना लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल प्रवर्तन कार्यों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि वाहन चालक व स्वामी को चालान राशि के बारे में सही जानकारी तत्काल पता चल सकेगी।
बुधवार को सचिवालय में परिवहन विभाग ने ऑनलाइन ई-चालान योजना के शुभारंभ के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। ई-चालान एक मोबाइल एप सॉफ्टवेयर है। इसे वाहन व सारथी के नेशनल पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे वाहन व चालक का लाइसेंस नंबर फीड करते ही सारी सूचनाएं इस एप के आधार पर प्रवर्तन अधिकारियों को मिल जाएगी। इस सॉफ्टवेयर को जीपीएस लोकेशन से भी जोड़ा गया है।
इसके माध्यम से चालान का वास्तविक स्थान, समय, तिथि की सूचना मिल सकेगी। इससे वाहन का फोटो लेने की भी व्यवस्था है। यह सॉफ्टवेयर ऑनलाइन व ऑफ लाइन मोड पर कार्य करेगा। चालान रसीद में क्यूआर कोड की भी व्यवस्था की गई है, जिसे वाहन स्वामी अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकता है और ऑनलाइन कंपाउंडिंग कर सकता है।
इसी प्रकार विभाग ने पीवीसी कार्ड आधारित पंजीयन पुस्तिका और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने शुरू कर दिए हैं। यह कार्ड एटीएम कार्ड की तरह है। इनमें भी क्यूआर कोर्ड की व्यवस्था रखी गई है। इस कोर्ड में वाहन का पंजीयन नंबर अथवा लाइसेंस धारक के विषय में जानकारी होगी। इससे चालान काटने में खासी आसानी होगी।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि इससे कर्मचारी बेहतर कार्य करने के साथ ही राजस्व में और बढ़ोत्तरी कर सकेंगे।
मोबाइल एप की जानकारी देते हुए सचिव परिवहन डी सेंथिल पांडियन ने बताया कि इसके माध्यम से परिवहन व पुलिस विभाग वाहनों का चालान सिंगल डाटा बेस के आधार पर कर सकते हैं।
वहीं, पीवीसी कार्ड आधारित लाइसेंस व पंजीयन पुस्तिका होने से इसके फटने व भीगकर खराब होने की आशंका समाप्त हो जाएगी और यह अपने साथ रखने में भी सहूलियत भरी रहेगी। कार्यक्रम में विधायक सहदेव पुंडीर, अपर सचिव एचसी सेमवाल, अपर आयुक्त परिवहन सुनीता सिंह व सहायक परिवहन आयुक्त एसके सिंह समेत तमाम आरटीओ और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।