September 22, 2024

गार्गी कॉलेज के फेस्ट में छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, महिला आयोग ने लिया संज्ञान

दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज के फेस्टिवल में छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ का मामला काफी आगे बढ़ गया है और संसद में भी यह मामला उठा है। यह मुद्दा सांसद गौरव गोगोई ने उठाया, जिस पर शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है कि कॉलेज में बाहरी लोग घुसे।दूसरी ओर राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने इसका संज्ञान लेते हुए कॉलेज का दौरा किया। वहीं सोमवार सुबह से ही कॉलेज की छात्राएं कॉलेज प्रशासन की चुप्पी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं और अपने सुरक्षा पर जवाब चाहती हैं। साथ ही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी कॉलेज पहुंचने को हैं।

सोशल मीडिया पर मामले की आपबीती बताने के बावजूद प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेने से खफा छात्राएं सोमवार को कॉलेज में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के मूड में हैं।

बताया जा रहा है कि किसी भी छात्रा ने अब तक कोई शिकायत नहीं दी है। लेकिन इस पूरी घटना से छात्राएं काफी गुस्से व सकते में हैं। वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि पुलिस ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस की एक टीम जांच के लिए कॉलेज भी पहुंची है। कॉलेज प्रशासन ने भी चुप्पी साध रखी है।

 पूरा मामला

गौरतलब है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में बीते 6 फ़रवरी की रात को वार्षिक फेस्ट में हुड़दंगियों ने छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की थी। कॉलेज की एक छात्रा ने उस रात हुई पूरी वारदात को शनिवार को सोशल मीडिया पर शेयर किया। यह ट्वीट बाद में वायरल हो गया।

पीड़िता ने बताई आपबीती

छात्रा का कहना है कि 6 फरवरी को फेस्ट के अंतिम दिन कुछ हुड़दंगी दीवार फांदकर कॉलेज परिसर के अंदर आ गए। इनमें कुछ अधेड़ भी थे। फेस्ट में रात को गायक जुबिन नौटियाल का शो था। इसके लिए छात्राओं को सीमित पास ही बांटे गए थे।

छात्रा का कहना है कि कॉलेज परिसर में घुसने वाले हुड़दंगियों में से कई नशे में थे। इन लोगों ने छात्राओं के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ की। कुछ ने मेट्रो स्टेशन तक उनका पीछा भी किया। इतनी भीड़ होने के कारण कई छात्राओं को घुटन भी होने लगी।

इधर, जैमर लगे होने के कारण उनके मोबाइल पर नेटवर्क नहीं आया और वे एसएमएस और व्हाट्स ऐप नहीं कर पाईं। छात्रा ने ट्वीट में कहा कि कॉलेज के सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में असफल रहे। हम अपने ही कॉलेज में सुरक्षित महसूस नहीं कर पाईं। कॉलेज प्रशासन घटना की जिम्मेदारी ले।

बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम डीयू केअन्य कॉलेजों में पढने वाले लड़कों के लिए भी खुला था। प्रशासन की ओर से मामले को लेकर चुप्पी साधी गई है हालांकि प्रशासन को किसी छात्रा ने शिकायत भी नहीं दी है। छात्राओं का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों से कहा गया कि वह शरारती पुरुषों को परिसर से बाहर निकालें। लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके क्योंकि भीड़ के कारण वह पता नहीं लगा पाए कि कौन हंगामा कर रहा है।



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